कोरोना ने बहुत कुछ छीना और आज भी हम लोकडाउन से जूझ रहे हैं । न जाने कितने गरीब श्रमिकों की मौत हुई और न जाने कितने परिवारों ने खोया अपनों को । खेल रहा है वो मां का आंचल समझ कर , नादान है वो क्या जाने जिंदगी और मौत क्या है?? इसे तो ये भी नहीं पता मां का आंचल अब कफ़न में तब्दील हो चुका है और मौत की नींद में सो गई है इसकी मां । जी हां चार दिन भूखे प्यासे ट्रेन में सफ़र कर हमेशा के लिए मौत की नींद में सो चुकी है इन नन्हें बच्चों की मां ।
बहुत ही दुखद है ये घटना ।
आखिर कौन है जिम्मेदार इन बच्चों से उनकी मां का आंचल छीनने का?????
😔😔😔😔
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